उन्नाव। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र की कान्हा गौशाला एक बार फिर चर्चा में है। यहाँ काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से मिलकर गौशाला की हालत को लेकर शिकायत की है। उनका कहना है कि गौशाला में ठीक से चारा और देखभाल न मिलने के कारण गायों की मौत हो रही है।
नगर पालिका परिषद गंगाघाट के अंतर्गत आने वाली इस गौशाला के कर्मचारी महावीर निषाद (निवासी कन्हवापुर शंकरपुर, हाल पता चम्पापुरी गंगाघाट) ने डीएम श्री गौरांग राठी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि गौशाला में व्यवस्थाएँ सिर्फ कागजों पर चल रही हैं। ज़मीनी हकीकत कुछ और है।
महावीर का आरोप है कि गायों को समय पर और पर्याप्त चारा नहीं दिया जाता, जिसकी वजह से रोजाना दो या उससे अधिक गौवंशों की मौत हो जाती थी। उनका यह भी कहना है कि मृत गायों को रात में कमरे में बंद कर दिया जाता था ताकि बात बाहर न जाए।

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने इस मामले की जानकारी गौशाला के केयरटेकर अखिलेश पाल, पूर्व प्रभारी संतराम मिश्रा, वर्तमान प्रभारी आदित्य मिश्रा और अधिशासी अधिकारी मुकेश मिश्रा को दी थी। लेकिन कार्रवाई होने के बजाय उनके साथ मारपीट की गई और उनसे 1750 रुपये छीन लिए गए। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई।
महावीर का कहना है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सीधे डीएम से न्याय की मांग की।
आरोप यह भी है कि शिकायत करने के बाद उन्हें और उनके साथी कर्मचारी कन्हैया को नौकरी से निकाल दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी जो लोग अनियमितताओं की बात उठाते थे, उन्हें काम से हटा दिया जाता था।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी स्तर पर इस मामले की जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।

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