लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कथित अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि रियल एस्टेट कंपनी श्री रूद्रासॉई डेवकॉन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अजीत कुमार श्रीवास्तव ने बिना आवश्यक सरकारी अनुमतियों के कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर 107 ग्राहकों को प्लॉट बेच दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत अनैया खरगापुर के गाटा संख्या 6मि, 11, 12, 13, 15, 16, 17, 19, 23, 36, 37, 39मि, 42, 49, 58 और 65 की भूमि पर करीब 1,98,504 वर्ग फीट क्षेत्र में प्लॉट बेचने का आरोप है।
लखनऊ | मोहनलालगंज में कथित अवैध प्लॉटिंग का मामला
आरोप है कि एक रियल एस्टेट कंपनी ने बिना RERA पंजीकरण व जरूरी अनुमतियों के 107 लोगों को प्लॉट बेच दिए। खरीदारों से फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं। कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया।@UPRERAofficial @AdminLKO pic.twitter.com/xCKPElb6yh— India Governance News (@indiagovernews) August 6, 2026
आरोप है कि कंपनी ने बिना रेरा (RERA) पंजीकरण, जिला पंचायत की अनुमति और नहर विभाग की अनापत्ति (NOC) लिए कृषि भूमि का भू-उपयोग बदले बिना ही उसे स्क्वायर फीट के हिसाब से बेच दिया। इससे बड़ी संख्या में खरीदारों के साथ कथित रूप से फर्जीवाड़ा होने की बात कही जा रही है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि प्लॉट बेचने के दौरान ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए किसान पथ और अटल आवासीय विद्यालय जैसी सरकारी परियोजनाओं का हवाला देकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन परियोजनाओं के नाम पर प्लॉट की कीमत और मांग बढ़ाने की कोशिश की गई।
मामले में यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि इतनी बड़ी कथित अवैध प्लॉटिंग लंबे समय तक कैसे चलती रही और संबंधित विभागों की ओर से समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। स्थानीय स्तर पर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी मांग उठ रही है।
हालांकि, इस मामले में श्री रूद्रासॉई डेवकॉन प्राइवेट लिमिटेड या उसके डायरेक्टर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं संबंधित सरकारी विभागों की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
