उन्नाव: दुष्कर्म का वांछित आरोपी गिरफ्तार; 19 साल के सुमित को पुलिस ने हयासपुर मोड़ से दबोचा, BNS और पॉक्सो एक्ट में दर्ज था मामला

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उन्नाव | फतेहपुर चौरासी
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में फतेहपुर चौरासी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने दुष्कर्म के मामले में काफी समय से फरार चल रहे एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है, जिस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था।

सटीक सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) उन्नाव के कड़े निर्देशों के बाद जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में फतेहपुर चौरासी थाना पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि दुष्कर्म का आरोपी सुमित क्षेत्र में ही कहीं छिपा हुआ है और भागने की फिराक में है।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को हयासपुर मोड़ के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध युवक वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे पहचान कर हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद उसकी पहचान सुमित पुत्र बांके, निवासी ग्राम जमुनिहाकच्छ के रूप में हुई।

इन धाराओं में दर्ज है मामला: कानून का कसा शिकंजा

पकड़े गए आरोपी सुमित के खिलाफ थाने में अपराध संख्या 0015/26 के तहत मामला पंजीकृत है। उस पर कानून की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:
BNS धारा 137(2), 87, 64(1): ये धाराएं अपहरण, यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं।
3/4 पॉक्सो एक्ट: चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए पॉक्सो एक्ट की कड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं, जिनमें कठोर सजा का प्रावधान है।

गांव में चर्चा, पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। जमुनिहाकच्छ गांव के स्थानीय निवासी 19 साल के युवक की इस हरकत और गिरफ्तारी से हैरान हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने न केवल तत्परता दिखाई, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।

गिरफ्तार करने वाली जांबाज टीम
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी शामिल रहे:
उ0नि0 श्री धीरेन्द्र प्रताप सिंह (उप निरीक्षक)
हे0का0 नरेन्द्र सिंह (हेड कांस्टेबल)
का0 गौतम (कांस्टेबल)

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